देहरादून। केंद्र सरकार द्वारा आयोजित दिव्य कला मेला में हर्षल फाउंडेशन ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए दिव्यांगजनों की प्रतिभा और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने हेतु अपना स्टॉल लगाया। इस मेले का उद्देश्य दिव्यांगजनों द्वारा निर्मित उत्पादों को राष्ट्रीय मंच प्रदान करना एवं “लोकल टू ग्लोबल” की भावना को सशक्त करना है।
हर्षल फाउंडेशन द्वारा लगाए गए स्टॉल पर दिव्यांशों द्वारा निर्मित हस्तनिर्मित ब्रैसलेट्स, सुंदर पेंटिंग्स तथा अन्य कलात्मक उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया गया। मेले में आए आगंतुकों ने इन उत्पादों की खूब सराहना की और उत्साहपूर्वक खरीदारी कर दिव्यांग कलाकारों का मनोबल बढ़ाया।
इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य अतिथियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्टॉल का अवलोकन कर दिव्यांगजनों के कौशल और रचनात्मकता की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
हर्षल फाउंडेशन विगत वर्षों से दिव्यांगजनों के कौशल विकास, शिक्षा, पुनर्वास एवं सशक्तिकरण के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है।
हर्षल फाउंडेशन की ट्रस्टी सेक्रेटरी रमा गोयल ने कहा—
“दिव्य कला मेला दिव्यांगजनों के हुनर को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का सशक्त मंच है। हमारे दिव्यांशों द्वारा बनाए गए ब्रैसलेट्स और पेंटिंग्स उनकी प्रतिभा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का प्रतीक हैं। केंद्र सरकार का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है, जो उन्हें आर्थिक और सामाजिक मजबूती प्रदान कर रहा है। हर्षल फाउंडेशन भविष्य में भी दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण हेतु निरंतर कार्य करता रहेगा।”